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आदिवासी महिलाओ ने किया थाने का घेराव - शराब बंदी के साथ झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग

Published on: May 03, 2016
News, Latest
आबूरोड। शराब बंदी की मांग को लेकर मंगलवार को वनवासी महिलाओं ने सदर थाने का घेराव किया। आकराभट्टा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी परिसर रैली के रुप में पहुंची महिलाओं ने जमकर विरोध प्रकट किया। शराब बंदी की व प्रधान व अन्य के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे को वापस लेने की मांग की। आधे घंटे से अधिक समय तक थाने का घेराव किया । जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक के नाम आबकारी निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा। मांग पूरी नहीं होने आंदोलन की चेतावनी दी। शराबबंदी की मांग के चलते आदिवासी महिलाएं आकराभट्टा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी परिसर पहुंची। महिलाओं ने भाखर क्षेत्र में अवैध शराब विक्रय, हथकढ़ी शराब बनाने व शराब की दुकानों बंद करने की मांग की। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से प्रधान लालाराम व पूर्व प्रधान अणदाराम गरासिया ने रैली को हरी झंंडी दिखाकर रवाना किया। करीब चार किमी लंबी रैली सदर थाने पहुंची। महिलाओं ने सदर थाने का घेराव किया। पुलिस व अवैध शराब विक्रय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शराब बंदी की मांग की। शराब की दुकानें हटाने व प्रधान व अन्य के खिलाफ दर्ज किए मुकदमे को वापस लेने की मांग की। इस बारे में वार्ता के दौरान आबकारी निरीक्षक व प्रधान के बीच गर्मागर्म बहस हो गई। इसके बाद प्रधान व अन्य थाने से बाहर आ गए। प्रधान लालाराम गरासिया, पूर्व प्रधान अणदाराम गरासिया, नरसाराम सोलंकी आदि ने सम्बोधन किया। प्रधान व अन्य के खिलाफ दर्ज किए मुकदमे को वापस लेने की मांग की। मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन के जारी रहने की चेतावनी दी। साथ ही प्रधान ने महिलाओं को घर जाने को कहा। इसके बाद महिलाएं व लोग उनके साधनों से घरों को लौट गए। इस अवसर पर प्रधान लालाराम गरासिया, पूर्व प्रधान अणदाराम गरासिया, गणका सरपंच ललिता देवी, नरसाराम गरासिया समेत करीब ढाई से तीन हजार वनवासी महिलाएं मौजूद थी। aadivasi-women-protest-abu-road-news-3 सरकार के कारण आदिवासी परिवार हो रहे है बर्बाद हाऊसिंग बोर्ड में आयोजित आदिवासी महिलाओ को सम्बोधित करते हुये गणका व सियावा सरपंच ललीता देवी व लक्ष्मी देवी ने कहा कि एक ओर सरकार आदिवासीयो के लिये कई योजनाएं चला रही हॅै लेकिन आदिवासी इलाको मे शराबो की दुकाने खोल रही है वही अवैध शराब की बिक्री अपनी चरम सीमा पर है, जिनके कारण आदिवासी पुरूष व युवक शराब का सेवन कर रहे है ओर उनका जीवन बर्बाद हो रहा है, हमारे द्वारा जब इसका विरोध किया जा रहा है तो कुछ लोगो के कहने पर हमारे खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किये जा रहे है। सरकार हमारा शोषण कर रही है जो अब बर्दास्त नही किया जायेगा अगर सरकार ने भाखर क्षेत्र मे शराब बंदी नही कि तो इसका अंजाम सरकार को देखना पडैगा। aadivasi-women-protest-abu-road-news-1 दिखा उग्र रूप महा रेली के साथ ज्ञापन देने पहुचे आदिवासी नेता सहित प्रधान लाला राम गरासीयश सहित अन्य लोग जब सदर थाने मे ज्ञापन देने पहुचें तो आबकारी अधिकारी प्रदुमनसिंह द्वारा प्रधान को कहा गया कि शराब कि दुकाने बंद करना हमारे हाथ मे नही है यह मुख्यमंत्री के हाथ मे है इस पर प्रधन सहित अन्य ने कहा कि अवैध शराब कि दुकाने भी किया मुख्यमंत्री बंद करेगी , आप सरकार पर अपनी ज्वाब दारी डाल कर हमे गुमराह कर रहे है, आपके सामने अवैध शराब खुलकर बिक रही है अगर आप बंइ नही कर सकते तो आने वाले दिनो मे आप देख लेना हम अपने स्तर पर केसे शराबंदी करवासे है कुछ पल के लिये दोनो तरफ से तकरार का रूप ले लिये ओर प्रधान सहित अन्य नेता अपना पक्ष रखते हुये थाने से बहार चले गये। aadivasi-women-protest-abu-road-news-4 दिया ज्ञापन प्रधान व पूर्व प्रधान आदि ने सदर थाने में जिला कलक्टर व एसपी के नाम आबकारी निरीक्षक प्रद्युमनसिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में समाज में कुरुतियां दूर करने के लिए समाज में पूर्ण शराब की मांग की गई है। ज्ञापन के अनुसार शराब बंदी को लेकर पूर्व में बैठकें आयोजित हो चुकी है। इस बारे में दिए गए ज्ञापनों पर कार्यवाही नहीं की गई है। शराब बंदी के विरोध में आदिवासी लोगों के विरुद्ध झूठा मुकदमा को गलत है। ज्ञापन में निष्पक्ष जांच के साथ आदिवासी क्षेत्र में सम्पूर्ण शराब के ठेकों को बंद करने की मांग की गई है। ज्ञापन में मांगों पूरी नहीं होने पर भूख हड़ताल करने व पूर्णतया शराब बंदी होने तक आंदोलन को जारी रखने की चेतावनी दी गई है।