← Back to Listings

श्रमिक विरोधी श्रम कानून में संशोधन पर रोक की मांग

Published on: February 24, 2016
News, Latest
भा.म.स.ने प्रदर्शन कर सौंपा जिला कलेक्टर को ज्ञापन भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जिलाधीश कार्यालय पर प्रदर्शन कर 12 सूत्री मांग पत्र की सभी मांगों पर फैसला कर सहमति के बिंदुओं को लागू करके श्रमिक विरोधी श्रम कानून में संशोधन पर रोक लगाने को लेकर प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री मोहनलाल माली ने बताया कि केन्द्रीय श्रम संगठन ने 12 सूत्रीय मांग पत्र पर 5 सदस्यी मंत्री महोदय के साथ हुई सकारात्मक वार्ता जिसमें दो बिंदुओं पर स्वीकृत सहमति बनी थी, बाकी मांगों पर सहमति पत्र भी भारतीय मजदूर संघ को जारी किया था। इस पत्र में कर्मित पर सहमंत्री के बिंदुओं मे से बोनस के एक बिंदु को छोडकर शेष बिंदुओं पर अभी केन्द्र सरकार के स्तर पर कार्रवाही होना लंबित है। मांगों पर कार्रवाही नही होने से विलम्ब से श्रमिकों में गलत संदेश जा रहा है तथा स्वीकृति का लाभ अन्य स्वायीतत्व लेने के लिए तत्पर है। इसलिए इस पर अविलम्ब कार्रवाही के लिए निर्देशित किया जावे। उन्होंने लिखा कि 5-7 फरवरी को केन्द्रीय भारतीय मजदूर संघ को केन्द्रीय कार्य समिति की बैठक हैदराबाद में आयोजित की गई,इस बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि श्रमिक विरोधी, श्रम विरोधी, श्रम कानून संशोधन पर तुरंत रोक लगाई जावे। केन्द्र में निर्वाचित भाजपा की सरकार के सत्ता में आने का श्रमिको की महत्वपूर्ण भूमिका है,इसलिए श्रमिक हितों की सुरक्षा करना केन्द्र सरकार का नैतक दायित्व है,इससे श्रमिक विरोध श्रम कानून संशोधन पर भारतीय मजदूर संघ से वार्ता करते हुए रोक लगाई जावे। संपादक हरीश दवे, सिरोही