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छ: घंटे की पूछताछ के बाद दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार: रिक्को, आबुरोड़

Published on: September 28, 2017
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रिक्को प्रबंधन के नही सुनने पर पीड़ीत युवति ने जयपुर रिक्को प्रबधंन को की शिकायत आबूरोड। रीको कर्मचारी द्वारा युवती के साथ किए गए दुराचार के मामले में छ: तक अलग अलग पूछताछ के बाद रात करीब 12 बजे पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। युवति द्वारा अपनी पीढ़ा जयपुर कार्यलय को ई-मेल से करवाई अवगत। जयपुर कार्यलय से अधिकारी पहुंचे मौके पर आरोपी को किया निलंबित। वही घटना की सुचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी सहित रिक्को के जयपुर कार्यलय के अधिकारी मौके पर पहुंचे।

 

आबूरोड के रिक्को कार्यलय मे संविदा पर कार्य कर रही कम्पूयटर ओपरेटर युवति के साथ ही के कार्यलय के सेक्सन इंजीनियर बीडी भाटिया द्वारा युवति के साथ दुराचार किया गया जिसकी सुचना युवति द्वारा कार्यलय प्रबंधक को अपने साथ घटित घटना के बारे मे बताया लेकिन उनके द्वारा कोइ कार्यवाही नही करने पर युवति द्वारा रिक्को के जयपुर कार्यलय को ई-मेल द्वारा अपने साथ किये गये दुराचार की सुचना देकर इंसाफ दिलवाने की मांग की। सुचना मिलते जयपुर कार्यलय से जांच करने आई रिक्कों की वित्तीय अधिकारी अनुभव शर्मा ने माना कि कार्यालय में युवती के साथ दुराचार हुआ है उन्होंने कहा कि हमने मामले में आरोपी को पहले ही निलंबित कर दिया था वही उसकी सेवा समाप्त करने के लिए अनुशंसा की जा रही है मामले में पीड़ित का व आरोपी का पक्ष सुनना आवश्यकता था इसीलिए वह यहां आए हैं । घटना गत रविवार का मामला था वही इतने दिन तक रीको के अधिकारी इस मामले को दबाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन युवति के साहस के बाद उसके द्वारा रीको के उच्चाधिकारियों को मिलकर इस मामले की जानकारी दी इस पर पूरे विभाग में हडक़ंप मच गया।

 

बुधवार को युवति की शिकायत पर आये जयुपर के अधिकारीयो ने सांय 6 बजे से रात्री 12 बजे तक 6 घंटे युवती को अपनी साथ हुये दुराचार के लिये अधिकारीयो के सामने अगनी परीक्षा देनी पडी। रीको के अधिकारी उससे मैराथन पूछताछ करते हैं इसके बाद सिरोही से आई पी यारों ने पीड़िता व आरोपी के बयान लिए इसी के साथ इस पूरे घटना क्रम में पुलिस को एकत्रित लोगों से बहस करती रही उन्हें बाहर निकालती रही लेकिन पुलिस ने विभागीय जांच मेे पूरी तरह से न तो बात करने की कोशिश की नहीं उससे कोई बयान लिए न्यायिक दृष्टि से बयान लेने का अधिकार पुलिस को ही है अधिवक्ता एडवोकेट हसीब अहमद ने बताया कि ऐसे मामलों में पुलिस की जांच कर सकती है वह उसके बाद विभागीय जाटंच या न्यायालय ही संज्ञान ले सकता है

 

युवति ने दी रिपोर्ट पुलिस दी रिपोर्ट में पीडि़ता ने बताया कि वह गत 22 अगस्त 2017 से रीको कार्यालय में कम्प्यूटर ऑपरेटर पद पर प्राइवेट नौकरी कर रही है। आफिस में कार्य करने के दौरान कार्यालय का सेक्सन आफिसर बीडी भाटिया उसके साथ गलत हरकतें करने लगता। लेकिन, उसने भाटिया के कार्यालय का बड़ा अफसर होने व नौकरी से निकाले जाने के भय से उसे कुछ नहीं कह सकी। यहां तक कि घरवालों तक को नहीं बता सकी। गत 16 सितम्बर को भाटिया ने उसे फोन किया। फोन पर कहा कि एआरएम साहब को कुछ काम है। शनिवार होने के बावजूद उसे कार्यालय बुलाया। इस पर वह कार्यालय पहुंची। भाटिया द्वारा बताए गए कार्य को किया।

 

इसके बाद उसने 17 सितम्बर को रविवार होने के बावजूद उसे कार्यालय बुलाया। इस पर वह रविवार होने के बावजूद आफिस गई। बताए गए कार्य को किया। कार्य के दौरान उसने घर पर खाना खाने के लिए जाने को कहा। इस पर भाटिया ने आफिस में कार्य होने का हवाला देते हुए घर चलने को कहा। साथ ही खाना खाकर वापिस आकर कार्य करने को हवाला दिया। इस पर वह खाना खाने के लिए भाटिया के साथ उसके क्वार्टर पर चली गई। जहां दोनों ने खाना खाया। उसके वापस लौटने के दौरान सेक्सन आफिसर भाटिया ने उसे नौकरी से निकालने व जान से मारने की धमकी देते हुए उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। वह डरी हुई घर पहुंची। लेकिन, वह परिवारजनों को यह बात नहीं बता सकी। इसके बाद गत 20 सितम्बर को उसने एमडी को ई-मेल कर मामले की समूची जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक उसे पता नहीं था कि उसे कहां रिपोर्ट करनी है। लेकिन, ठीक होने के बाद वह पुलिस को रिपोर्ट दे रही है। पुलिस ने दुष्कर्म व अनुसूचित जाति-अनुसूचित जाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम व विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। इनका कहना है...

 

पीडि़ता द्वारा एमडी को ई-मेल के जरिए सूचना दी गई। आरोपी सेक्सन इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया है। आरोपी का पक्ष सुनने के बाद सेवा से बर्खास्त करने की कार्यवाही की जाएगी। -अनुपमा शर्मा, वित्तीय सलाहकार, रीको, जयपुर।

 

रीको अधिकारी द्वारा संविदा पर कार्यरत युवती से दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में जांच शुरु कर दी गई है। -विजयपाल सिंह, डीएसपी, माउंट आबू।