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गरीब लडकी के विवाह मे आर्थिक सहायता के साथ अपने हाथो से की विवाह रस्म अदा: आबूरोड

Published on: June 21, 2018
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नि:स्वार्थ सेवा समिती ने करवाया कन्यादान आबूरोड। कहते है की भगवान ने जिसके घर मे लडकी को जन्म नही दिया वो घर अधूरा होता है, जीवन मे अगर सबसे बडा कोई दान माना है तो वो कन्यादान है। मनुष्य को अपने जीवन मे कन्यादान करना जरूरी है। इसी बात को सार्थक करते हुये नि:स्वार्थ सेवा समिती के सदस्यो ने एक कन्या के विवाह मे अपना सहयोग देते हुये उस कन्या का हिन्दु रिती रिवाज के साथ कन्यादान करते हुये विवाह समपन्न करवा। नि:स्वार्थ सेवा समिती के किशन काका व राजेश परिहार मे जानकारी देते हुये बताया कि कुम्हार मोहल्ला निवासी बसंत कुमार जो कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अपनी पुत्री के विवाह मे परेसान हो रहे थे। जिसकी जानकारी नि:स्वार्थ समिती के सदस्यो को मिली इस पर समिती के सदस्यो ने बसंत कुमार के घर जाकर उनको आर्थिक सहायता देने की बात कही जिससे बसंत कुमार का होसला बढ़ गया ओर उस पिता ने अपनी पुत्री निशा कुमारी का विवाह 21 जृन को तय किया। समिती के सदस्यो ने कन्या के पिता को आर्थिक सहायता देते हुये हिन्दु रिती रिवाज के साथ मंगल फेरो के बाद निशा कुमारी को कन्यादान के रूप मे अलमारी, ड्ेसिंग टेबल, कुर्सी टेबल, डबल बेड, सहित घरेलु समान दिया वही बरात व मेहमानो के लिये भोजन की भी व्यव्स्था कि। कन्या के पिता बसंत कुमार ने समिती के सदस्यो को आभार व्यक्त करते हुये कहा कि आप सभी मेरे लिये एक भगवान से कम नही हो आज हम जेसे परिवारो मे लडकीयो के विवाह की सबसे बडी परेसानी होती है लेकिन आप जेसे लोगो के द्वारा दिये जा रहे सहयोग से हमारी परेसानी दूर हो रही है। बसंत कुमार सहित पुरे परिवार ने सेवा समिती का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राजेश परिहार,कांति परिहार व नरगीस कायमखानी ने बताया की हमारे द्वारा नि:स्वार्थ सेवा समिती का गठन किया गया है जिसका सबसे अहम मकसद गरीब परिवारो की कन्याओ के विवाह मे उनका सहयोग करना है वही सेवा समिती द्वारा शिक्षा के क्षेत्र मे भी काफी अहम कार्य किया जा रहा है, अभी तक हमारी सेवा समिती द्वारा 3 कन्याओ के विवाह मे सहयोग किया गया है वही 8 बच्चो को शिक्षा के लिये भसी आर्थिक सहायता दी जा रही है। हमारी सेवा समिती इस समाज सेवा मे कार्य करने के अपने वादे को पूरा कर रही है। इस दोरान राजेश परिहार, सुमित सांबरिया, नरगीस कायमखानी, कांति परिहार, किशन काका, नितिन विश्वा, कमल लक्षवानी, राजू प्रजापति, जितेंद्र परिहार, सुरेंद्र गहलोत, पंकज माली, अशोक अग्रवाल, लोकेश सोनी, मनीष सैनी,अमित सम्बरीय, ओम प्रकाश सैनी, अंश मेहता, अमित कनोजिया, सोहन राणा, अनूप चौरसिय, विपुल बहल, अविनाश उमठ, नरेश सोलंकी, प्रकाश सिंह, मणि लाल, ज्ञानेश्वर प्रसाद, देवा, राजेश बरोट, नकुल पाठक, कल्पेश गुर्जर, अनुराग शर्मा, विक्की अश्वानी, बाबू भाई, विनोद गोयल सहित सेवा समिती के सदस्य मोजूद रहे।