← Back to Listings

6 अगस्त 1990 का टूटा रेकार्ड, 38 घन्टे में 25 ईंच बारीश

Published on: July 28, 2015
News, FrontPage Blogs
माउन्ट आबू में 38 घन्टे में 25 ईंच (626 मीलिमिटर) बारीश। कई सालों में पहली बार 38 घन्टों में इतना हुआ पानी। नक्की झील लबालब भरी, पानी की चादर चली। 6 अगस्त 1990 का टूटा रेकार्ड, तब हुआ था 1 दिन में 430 मिलीमिटर वर्षा। माउन्ट आबू में रेकार्ड तोड बारीश ने सब कुछ भिगो कर रख दिया है। इस साल की पहली बारीश है जब 38 घन्टे में 25 ईंच (626मीलिमिटर) वर्षा रेकार्ड की गई है। माउन्ट आबू में मौसम विभाग के अनुसार हर चार घन्टे में वर्षा रेकार्ड की जा रही है। रविवार को सुबह 6 बजे तेज वर्षा का दौर शुरू हुआ सुबह 8 बजे तक 56 मिलीमिटर वर्षा हुई उसके बाद आज सुबह 8 बजे तक 26 घन्टे में 500 मिलिमिटर वर्षा रेकार्ड की गई और आज सोमवार को सांय 4 बजे तक यह आंकडा 73 मिलिमिटर और बढने पर 573 और सांय 7 बजे तक 53 मिलिमीटर वर्षा यानि लगभग 25 ईंच वर्षा हो चुकी है । mount-abu-abu-road-sirohi-latest-weather-rainfall-news-1 1990 के बाद 25 साल में यह रेकार्ड पहला है कि 38 घन्टे में 25 ईंच बारीश हुई हुई । 4 अगस्त 1990 में 485 मिलीमिटर, 5 अगस्त 1990 को 528 मिलीमिटर, 6 अगस्त 1990 को 430 मिलिमिटर वर्षा हुई थी जिसमें 6 अगस्त का रेकार्ड आज टूटा है।लगातार हो रही बारीश से माउनट आबू की विश्व प्रसिद्व नक्की झील लबालब भर गई है और इसकी चादर भी चालू हो गई है। माउन्ट आबू के मुख्य जल स्त्रोत अपर व लोअर कोदरा डेम में अच्छे पानी की आवक हुई है। [caption id="attachment_4522" align="aligncenter" width="640"]'सिरोही से ब्यावर" फोरलाईन एक ही बारिश में ध्वस्थ 'सिरोही से ब्यावर" फोरलाईन एक ही बारिश में ध्वस्थ[/caption] अगले 2-3 दिनों मे अगर वर्षा का यही हाल रहा तो माउन्ट आबू के लोआ कोदरा डेम चादर भी चलने की संभावना है। बारीश से जगह जगह झरने चल रहे है और कुओं व छोटे तालाबो में पानी लबालब भर चुका है। इस बारीश से हर सरफ पानी का मंजर दिख रहा है। लगातार हो रही इस बारीश से स्थानीय लोगो को जरूर तकलीफे उठानी पड रही है लेकिन सेलानियो की आवक में कोई कमी नही हुई है। [caption id="attachment_4523" align="aligncenter" width="640"]सिन्धी धरमशाला आबुरोड के निकट गिरा मकान सिन्धी धरमशाला आबुरोड के निकट गिरा मकान [/caption] सेलानी झरनों की मस्ती में उनका आंनद उठा रहे है। इस बारीश में हर जगह हरियाली बना दी है। माउन्ट आबू के पर्यावरण को लकर हमेशा कहा जाता रहा है कि माउन्ट आबू का पर्यावरण नष्ट होता जा रहा है लेकिन इस बारीश ने यह जता दिया है कि आज भी माउन्ट आबू का पर्यावरण सुरक्षित है। माउन्ट आबू पर्वतीय स्थल होने के कारण यहां का पानी आबू रोड के बनास नदी और अनादरा आदि नीचे पहुच जाता है। [caption id="attachment_4531" align="aligncenter" width="640"]आबू की हरी भरी वादिया आबू की हरी भरी वादिया[/caption] माउन्ट आबू में तो बाढ नही आती लेकिन अगर पानी का स्तर यही रहा तो आबू रोड, स्वरूपगंज व अनादरा आदि जगहो पर बाढ आने की संभावना बनी हुई है क्योंकि पिछले 2 दिनो से आबू रोड व अन्य ईलाको पर भी वर्षा का दोर जारी है। जालोर मे लगातार 36 घंटों से भारी बारिश आलडी सागी खारी नदी उफान पर आस पास गावो के लिये खतरे कम नहीं रानीवाडा मे देर रात से ट्रेन रूकी, रेलमार्ग रानीवाडा कोडी ठप रेल की पटरिया पानी मे डूबी भीनमाल शहर मे 5.1 फीट तक बढा जल स्तर सेकडो लोग फसे, जीला कलेक्टर ने भीनमाल के लिए सेना व हेलीकॉप्टर की मदद, भीनमाल पहुचे हेलिकॉप्टर राहत कार्य में जुटे, भीनमाल के पास भाडवी, नोहरा, दातिवास, पुनासा गांव मे बाढ के हालात लोगो को सुरक्षित स्थानों पर पहुचाने के लिए काम जोरो शोरो पर जीला कलेक्टर जीतेन्द्र जी सोनी ने लोगों को साहस ओर धैर्य बनाए रखने की अपील की । जालोर मे, बारीस का 24 साल का रिकॉर्ड टुटा, सांचोर नेहड इलाके मे बाढ के हालात आसपास के गावो को सर्तक रहने की चेतावनी जालोर मे कई तालाबों में पानी के बहाव से पाल टुटने की मिली खबर, जीव जंतु के हाल बेहाल, कर रहे है काफी तकलीफों का सामना माउंट आबू में बिजली गुल, पर्वतीय स्थल में आम नागरिक व पर्यटक को हो रही परेशानी [caption id="attachment_4532" align="aligncenter" width="640"]मांडवा गोल के बिच नाले में बही डस्टर मांडवा गोल के बिच नाले में बही डस्टर[/caption] News Courtesy: Anil Areean, Mount Abu Pic Courtesy: Stanley, Ashish, Laieq, Rohit, Sailesh, and other respected abu-ites