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मानव जीवन को सत्कर्म ही श्रेष्ठ बना सकता है: संत अभयदास

Published on: February 13, 2016
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आदर्श विद्यामंदिर शंकर विद्यापीठ में बंसत पंचमी के अवसर पर विद्यालय परिसर में शिक्षा की अधिष्ठात्री देवी माँ शारदा के समक्ष पूजन अर्चन वरिष्ठ आचार्य वीरेन्द्र शर्मा ने संत श्री अभयदास महाराज के सानिध्य में किया। इसके पश्चात् माँ सरस्वती की आरती का सामूहिक सस्वर गायन एवं सरस्वती वन्दना हुई। इसके बाद प्राचार्य पूनमचंद सुथार ने विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष जीवनलाल माथुर एवं संत अभयदास महाराज का स्वागत एवं अभिनंदन किया, प्राचार्य पूनमचंद सुथार ने भक्ति मार्ग को श्रेष्ठ बताते हुए सत्कर्म पर बल दिया तथा आज के दिन के महत्व के क्रम स्वतंत्रता सेनानी हकीकत राय के बलिदान का भी स्मरण दिलाया। संत श्री अभयदास महाराज ने अपने आशीर्वचन में बंसत पंचमी के महत्व को बताते हुए आज के ही दिन मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम का शबरी के घर आगमन, पृथ्वीराज चैहान द्वारा शब्दभेदी बाण चलाना तथा हिन्दी जगत के प्रसिद्ध कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का जन्मदिन भी याद दिलाया तथा इसके साथ ही उन्होंने इस मानव जीवन को सर्वश्रेष्ठ बनाने का आह्वान किया। यह जानकारी कार्यक्रम के संयोजक अज्ञेय पण्ड्या ने दी। कार्यक्रम का समापन सरस्वती मंत्र के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के सभी आचार्य एवं आचार्या उपस्थित थें।