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आबू संघर्ष समिति ने 'मतदान बहिष्कार आन्दोलन' लिया वापस, जनता फिर एक बार आश्वासन के भरोसे

Published on: December 02, 2018
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माउंट आबू | एक माह से चल रहा बिल्डिंग बायलॉज़ स्वीकृत करने के लिए विरोध प्रदर्शन आज शाम 8:00 बजे रघुनाथ मंदिर में हुई जन सभा में लिए गए निर्णय के अनुसार मतदान बहिष्कार का आन्दोलन वापस ले लिया गया और लोगो से मतदान करने की अपील की | लिंक पर क्लिक कर देखे आबूटाइम्स की स्पेशल रिपोर्ट, जिसमे जनता ने बोली अपने मन की बात >> https://www.youtube.com/watch?v=4OCa7IXONkM रात्रि सभा में समिति के प्रभावी सदस्य सुनील आचार्य, महेंद्र सिंह परमार, प्रवीण सिंह परमार, अशोक वर्मा, भास्कर अग्रवाल, मांगी लाल काबरा, भारत सिंह राठौर, भरत लालवानी, आनंद पवार, प्रशांत राका, हजारीमल परिहार, प्रमोद व्यास आदि अन्य सदस्यों ने अपने विचार सभा में रखे जिसमें मतदान बहिष्कार पर सबकी मिलीजुली राय सामने आये | आचार्य ने बताया की सी.एम से हुई मुलाकात में मेडम ने आश्वासन दिया की जैसे ही विधान सभा में अगर भाजपा की जीत होती है तो तुरंत प्रभाव से बायलॉज़ स्वीकृत कर दिए जायेंगे | मतदान बहिष्कार पर उन्होंने कहा की मतदान सबका स्वेच्छिक निर्णय है जिस पर किसी से भी किसी भी तरह की जोर जबरदस्ती नहीं की जा सकती | 3 अक्टूबर 2018 को एस.डी.एम को माउंट आबू बिल्डिंग बायलॉज़ स्वीकृत कराने हेतु ज्ञापन सौप सुनील आचार्य की अध्यक्षता में आबू संघर्ष समिति का हुआ था गठन जिसके पश्चात ३ अक्टूबर से माउंट आबू को अनिश्चितकालीन के लिए किया गया था बंद जो की ६ अक्टूबर रात्रि में समिति ने यह कहकर माउंट आबू बंद का आहवान वापस ले लिया की माउंट आबू बिल्डिंग बायलॉज़ मेडम की टेबल से आगे बढ़ गया और अब बस फारेस्ट डिपार्टमेंट के सपष्टीकरण के बाद पास हो जायेगा खेर ऐसा अभी तक हुआ नहीं | आबू संघर्ष समिति की बैठक के पश्चात लाइव इंटरव्यू जब कार्य में ढील दिखी तो संघर्ष समिति ने मतदान बहिष्कार करने की बात की जिसके लिए वह लोगो व समाजो से व्यक्तिगत रूप से मिले और उनसे मतदान न करने की बात की जिस पर जनता ने उनका पूरा समर्थन देने की बात की | १ दिसंबर को सी.एम राजे सी मिलने के बाद समिति ने यह आंदोलन भी वापस ले लिया | संघर्ष समिति की बैठक में पहुंचे लाला राम जी से आबूटाइम्स की एक्सक्लूसिव इंटरव्यू अंत में देखा जाए तो एक बार फिर माउंट आबू बिल्डिंग बायलॉज़ आश्वासन के मोड़ पर अटक गया और जनता फिर उसी मोड़ पर आकर रह गयी जहा सी शुरुआत की थी |