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102 वर्षीय ज्ञान गुफा महंत श्री बद्री दास माता जी हूए देवलोक गमन: माउंट आबू

Published on: August 23, 2016
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माउंट आबू | माउंट आबू के देलवाड़ा मार्ग पर स्थित ज्ञान गुफा मन्दिर की महंत श्री बद्री दास माताजी का मंगलवार की शाम को निधन हो गया। जिससे ज्ञान गुफा आश्रम व् स्थानीय भक्तो में शौक की लहर व्याफ्त हो गई । माउंट आबू में शाम को जैसे ही ज्ञान गुफा की महंत श्री बद्री दस जी के निधन का समाचार लोगो को पता लगा। सभी अपने आप ज्ञान गुफा स्थित आश्रम में उनके अंतिम दर्शनों को आने लगे।

 

ज्ञान गुफा व् राम दरबार के ट्रस्ट के संत तुलसी दास,संत देवी दास समेत चंदन भाई परमार,सुरेश जैन,मफत लाल पटेल,ईश्वर लाल पटेल ने संयुक्त रूप से देवलोक गमन महंत श्री बद्री दास जी महाराज के बारे में बताया कि,आज से 60 वर्ष पूर्व में माताजी महंत बद्री दस जी ने एक छोटा सा आश्रम ज्ञान गुफा बनाया था। उसके बाद में स्वयं हनुमान जी ने स्वपन में उन्हें यहाँ पर राम दरबार मन्दिर बनाने को कहा। जिसे माताजी ने अपने भक्तों श्री चन्दन भाई परमार, सुरेश जैन,मफत लाल पटेल,ईश्वर लाल पटेल व् माउंट आबू की धर्म प्रेमी जनता के सहयोग से कुछ वर्ष पहले ram भक्त शिरोमणी हनुमान जी मंदिर बनवाया। और बाद में देश-प्रदेश में माताजी का यश की कीर्ति फैलने के बाद में वर्ष 2014 में इसी ज्ञान गुफा आश्रम के पास में राम दरबार मन्दिर भी बनवाया । जिसे देखने व् दर्शन लाभ के लिए धर्म प्रेमी जन् वर्ष पर्यन्त माउंट आबू में आते रहते है। मन्दिर के ट्रस्ट के अहम् सदस्य श्री चन्दन भाई परमार इस समय बड़े ही भावुक हो कर महंत श्री बद्री दास जी कि कुछ पंक्तियों को बताते है कि, माँ उन्हें अक्सर कहा करती थी |

 

क्या करें कि, तू चलकर आया , क्या कारण यह धरी काया,,।। इच्छा कारण चलकर आया । भजन कारण यह धरि काया,,।

 

विशेष सुुचना- कल बुधवार को आठ बजे ब्रहमलीन माताजी महंत श्री बद्री दस जी की वैकुंठी यात्रा भक्तो के अंतिम दर्शनार्थ देलवाड़ा ज्ञान गुफा से निकाली जायेगी, ओर 11 बजे के बाद में उन्हें मंदिर परिसर में पिछले भाग में समाधि व् अग्नि संस्कार किया जायेगा ।